आज के युग में ' सादा जीवन - उच्च विचार ' यह केवल सुनने मात्र के लिए ही रह गया है , परंतु आज हम सब ने अपने खर्चे अत्यधिक बढ़ा लिए हैं , लग्जरी बढ़ा ली है , विलासिता बढ़ा ली है । औसत से अधिक खर्च करना हमारी आदत हो गई है ।
'सादा जीवन - उच्च विचार ' यह पूर्णतया सत्य है क्योंकि यदि आपका जीवन सादा है तो आपके विचार भी उच्च होंगे और यदि आपका रुझान लोक दिखावे या प्रचलित फैशनों की ओर है तो आपके विचार कभी भी उच्च नहीं हो सकते। आपको पता ही नहीं चलेगा कि कब विलासिता ,अहंकार और वासना आप में घर कर लेंगे और धीरे-धीरे आपका अस्तित्व नीचे की ओर गिरना शुरू कर देगा ।
'सादा जीवन - उच्च विचार' का एक ज्वलंत उदाहरण डॉ. ए.
पी.जे. अब्दुल कलाम जी हैं । उनका जन्म एक गरीब और अल्प शिक्षित परिवार में हुआ । छोटी उम्र में ही उन्होंने काम में पिता का हाथ बँटाना शुरू कर दिया था । स्कूली शिक्षा में वह एक औसत दर्जे के विद्यार्थी थे परंतु अपने सादे जीवन , उच्च विचारों और मेहनती स्वभाव के कारण वह राष्ट्रपति पद तक अपनी पहुँच बनाने में कामयाब हुए ।
अर्थात हमें सुखमय जीवन जीने के लिए सादा जीवन जीने का आदि होना चाहिए । यद्यपि हमारी सोच सीमित नहीं होनी चाहिए अपितु हमें आसपास के सकारात्मक बदलावों के बारे में भी सोचना चाहिए । हमारा जीवन जीने का ढंग साधारण होना चाहिए परंतु हमारी सोच और विचार बड़े होने चाहिए । जो लोग बड़ा नहीं सोच सकते , वे व्यापक मानसिकता का विकास नहीं कर सकते । उनकी सोच सीमित हो जाती है ।
सादा जीवन जीने से हमारे जीवन में बहुत बदलाव आ सकते हैं, जैसे -
हम परिवार के करीब आते हैं ।
हमारा तनाव निम्नस्तरीय हो जाता है।
हमें स्वयं पर नियंत्रण करना आता है ।
परिस्थितियाँ काबू में रहती हैं ।
हमें अपने लिए जीना चाहिए ना कि दूसरों को प्रभावित करने के लिए । हमें समझना चाहिए कि खुशी केवल अपने भीतर मिल सकती है । अगर हम सादा जीवन - उच्च विचार रखते हैं तो हम आंतरिक खुशी और शांति प्राप्त कर सकते हैं ,जो हमें समाज में अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करती है ।
मधु धीमान
कैथल( हरियाणा )
'सादा जीवन - उच्च विचार ' यह पूर्णतया सत्य है क्योंकि यदि आपका जीवन सादा है तो आपके विचार भी उच्च होंगे और यदि आपका रुझान लोक दिखावे या प्रचलित फैशनों की ओर है तो आपके विचार कभी भी उच्च नहीं हो सकते। आपको पता ही नहीं चलेगा कि कब विलासिता ,अहंकार और वासना आप में घर कर लेंगे और धीरे-धीरे आपका अस्तित्व नीचे की ओर गिरना शुरू कर देगा ।
'सादा जीवन - उच्च विचार' का एक ज्वलंत उदाहरण डॉ. ए.
पी.जे. अब्दुल कलाम जी हैं । उनका जन्म एक गरीब और अल्प शिक्षित परिवार में हुआ । छोटी उम्र में ही उन्होंने काम में पिता का हाथ बँटाना शुरू कर दिया था । स्कूली शिक्षा में वह एक औसत दर्जे के विद्यार्थी थे परंतु अपने सादे जीवन , उच्च विचारों और मेहनती स्वभाव के कारण वह राष्ट्रपति पद तक अपनी पहुँच बनाने में कामयाब हुए ।
अर्थात हमें सुखमय जीवन जीने के लिए सादा जीवन जीने का आदि होना चाहिए । यद्यपि हमारी सोच सीमित नहीं होनी चाहिए अपितु हमें आसपास के सकारात्मक बदलावों के बारे में भी सोचना चाहिए । हमारा जीवन जीने का ढंग साधारण होना चाहिए परंतु हमारी सोच और विचार बड़े होने चाहिए । जो लोग बड़ा नहीं सोच सकते , वे व्यापक मानसिकता का विकास नहीं कर सकते । उनकी सोच सीमित हो जाती है ।
सादा जीवन जीने से हमारे जीवन में बहुत बदलाव आ सकते हैं, जैसे -
हम परिवार के करीब आते हैं ।
हमारा तनाव निम्नस्तरीय हो जाता है।
हमें स्वयं पर नियंत्रण करना आता है ।
परिस्थितियाँ काबू में रहती हैं ।
हमें अपने लिए जीना चाहिए ना कि दूसरों को प्रभावित करने के लिए । हमें समझना चाहिए कि खुशी केवल अपने भीतर मिल सकती है । अगर हम सादा जीवन - उच्च विचार रखते हैं तो हम आंतरिक खुशी और शांति प्राप्त कर सकते हैं ,जो हमें समाज में अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करती है ।
मधु धीमान
कैथल( हरियाणा )
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